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सुरज का एक बडा टुकडा टुट कर अलग होगया है

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सूरज का एक हिस्सा  टूट कर अलग हो गया है अलग हुआ हसे को जेमसटेली असकोप ने इसको टुटते हूऐ देखा है वैज्ञानिकों का दावा है कि सूर्य का ही चक्कर लगा रहा है ऐसे में अब वैज्ञानिक इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि घटना क्यों और कैसे हुई इसका आंसर क्या होगा 

मंगल ग्रह के बारे मे कुछ खुश खबरी आइ

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क्या आपको पता है कि मंगल ग्रह पर भी सनोफौल होता है पर यह लोग कार्बन डाइऑक्साइड के पास के बने होते हैं जो इतने छोटे होते हैं कि आप खुली आंखों से नहीं देख सकते हैं यह स्नोफॉल मंगल ग्रह साउथ पोलाकैट मे डिटेक्ट किया गया था  वॉल्यूम धरती के वॉल्यूम वैसे 15 परसेंट की है  दोस्तों आपको जानकर हैरानी होगी कि धरती पर जैसे चार अलग-अलग मौसम होते हैं ठीक उसी तरह मंगल ग्रह पर भी चार अलग-अलग मौसम होते हैं और मंगल पर कोई भी मौसम धरती के मुकाबले दोगुने समय तक रहता है क्योंकि मंगल ग्रह का 1 साल 687 दिनों का होता  मंगल ग्रह पर सबसे बड़ी धूल भरी आंधी आती है जो मंगल ग्रह पर एक काउंसलिंग में रिया को कर लेता है और यह आंधी 7 दिनों से 10 दिनों तक रहता है हमारे सौरमंडल में पृथ्वी और मंगल हैवॉल्यूम धरती के वॉल्यूम वैसे 15 परसेंट की है  दोस्तों आपको जानकर हैरानी होगी कि धरती पर जैसे चार अलग-अलग मौसम होते हैं ठीक उसी तरह मंगल ग्रह पर भी चार अलग-अलग मौसम होते हैं और मंगल पर कोई भी मौसम धरती के मुकाबले दोगुने समय तक रहता है क्योंकि मंगल ग्रह का 1 साल 687 दिनों का होता है

मार्स पर जाने मे सिर्फ 100 दिन लाएगा

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 मार्स पर जाने में सिर्फ 100 दिन लगेग   एसे न्यूक्लियर पावर रॉकेट पर काम कर रहा है जिसकी स्पीड और पावर 5 गुना जादा है जहा अर्थ से प्लूटो तक जाने में 10 साल से जादा का समय लग जाता था ओहा 4 साल में ही पूरा कर सकता है आज के तारिक में हमारे पास पावर फूल रॉकेट है वोभी एक केमिकल कमर्शल काही बना है आने वाले कुछ ही समय में अलोन मास्क लोगों को मार्स पर बाशाने वाले है अगर अभी के टेक्नोलॉजी यूज करे तो फैलकण पावर फूल रॉकेट से जाने में सात महीने लगा जाते हैं पर इतने समय तक लो ग्रेविटी में गुजरने के बाद ऐसटनोट की मसल्स कमजोर हो जाएगी अगर ऐसटनोट को कैमिकल इंजन की मदद से मार्स पर भेजा गया तो इन्सानों का पहला कदम सायद एक वीलचेयर पर होगा इसलिए नासा के पास एक बहोत ही बडीया तरीका है इसलिए नासा के पास दो तरह के नीएकीलीयर पावर है पहला नीएकीलीयर थरमल रॉकेट इंजन है और दुसरा नीएकीलीयर इलैक्ट्रानिक रॉकेट इंजन है न्यूक्लियर रिएक्शन से सबसे पहले तो भारी मात्रा में ही प्रयोग करता है और फिर जैसे ही रिएक्टर के बीच में से लिखो हाइड्रोजन को आजा फुल पास किया जाता है की वजह से लिक्विड हाइड्रोजन गैस में गंध...

2023 me हुआ एक नई ग्रह की खोज

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 2023 में हुआ एक नई ग्रह की खोज  इस साल की शुरूआत की ही नासा ने एक नई ग्रह की खोज की है जो अपनी तारे से habitable जोन में है और इस ग्रह की अकार भी लगा भाग पृथ्वी जितना ही बड़ी है इस लिए यह ग्रह काफी खास है क्यूंकि ऐसे ग्रह बहोत काम मिलती है इस ग्रह की खोज कुछ दिन पहले ही हुई है tio तारे की परिक्रमा करते हैं इस में मौजूद 3 ग्रहों को 2020 में ही खोज लिया गया था और 4 ग्रह को कुछ दिन पहले ही खोज गया है जिसका नाम tio700e रखा गया है यह ग्रह हमरी पृथ्वी जैसा ही है जो अपनी तारे की habitable जोन में ही आता है इस लिये इस ग्रह पर लिक्विड में पानी मौजूद हो सकता है और यह ग्रह 28 दिन में अपनी तारे की चाकर लगा लेती हैं और इस sormandal में 2 ही ऐसे ग्रह है जो habitable जोन में आता है जिसमें पहला ग्रह tio700e  है और दूसरा ग्रह tio700b है यह sormandal हमारे sormandal से 100 light year की दूसरी पर है 

Earth जैसे दूसरा Planets मिल गया हैं

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 Earth जैसे दूसरा Planets मिल गया हैं   यह ग्रह पृथ्वी से मिलता जुलता है  यह ग्रह पृथ्वी से लाभ भाग 100 प्रकाश वर्ष की दूसरी पर है इस ग्रह की खास बात यह है कि हमारी पृथ्वी के आकार का है इसकी खोज x प्रोग्राम की द्वारा की गई है alonmask की  कंपनी स्पेस x की मदद से की है इस का खोज 18 अप्रैल 2018 में की गई है x प्रोग्राम को पृथ्वी के आकार से मिलता जुलती ग्रह को खोजने के लिए लॉन्च किया गया है इस ग्रह के सतह पर पानी का भी अनुमान लगाया गया है और इस ग्रह का तापमान लाभ भाग -50 डिग्री से लेकर 100 डिग्री तक हो सकता है अगर हम इस ग्रह पर जाना चाहें तो लाइट की एसपी से जाने में हमे 100 साल का समय लग सकता है जो अभी के समय में समभाव नही है और जानने के लिए इस link पर जाए https://youtube.com/@justnowvibby1502