मार्स पर जाने मे सिर्फ 100 दिन लाएगा
मार्स पर जाने में सिर्फ 100 दिन लगेग एसे न्यूक्लियर पावर रॉकेट पर काम कर रहा है जिसकी स्पीड और पावर
5 गुना जादा है जहा अर्थ से प्लूटो तक जाने में 10 साल से जादा का समय लग जाता था ओहा 4 साल में ही पूरा कर सकता है आज के तारिक में हमारे पास पावर फूल रॉकेट है वोभी एक केमिकल कमर्शल काही बना है आने वाले कुछ ही समय में अलोन मास्क लोगों को मार्स पर बाशाने वाले है अगर अभी के टेक्नोलॉजी यूज करे तो फैलकण पावर फूल रॉकेट
से जाने में सात महीने लगा जाते हैं पर इतने समय तक लो ग्रेविटी में गुजरने के बाद ऐसटनोट की मसल्स कमजोर हो जाएगी अगर ऐसटनोट को कैमिकल इंजन की मदद से मार्स पर भेजा गया तो इन्सानों का पहला कदम सायद एक वीलचेयर पर होगा इसलिए नासा के पास एक बहोत ही बडीया तरीका है इसलिए नासा के पास दो तरह के नीएकीलीयर पावर है पहला नीएकीलीयर थरमल रॉकेट इंजन है और दुसरा नीएकीलीयर इलैक्ट्रानिक रॉकेट इंजन है न्यूक्लियर रिएक्शन से सबसे पहले तो भारी मात्रा में ही प्रयोग करता है और फिर जैसे ही रिएक्टर के बीच में से लिखो हाइड्रोजन को आजा फुल पास किया जाता है की वजह से लिक्विड हाइड्रोजन गैस में गंध होता है और रॉकेट के बीच में बाहर आता है अब आप कहोगे कि ऐसा होता है



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